झोलवी का होगा गुदाला...

एक झोलवी था, ताला चाबी के फजल से उसका कुछ थोक का व्यापार भी था।

अक्सर वह छोटे दुकानदारों से वसूली करने आसपास के गांवों में जाता था।

एक बार ऐसे ही वसूली के लिए थोड़े दूर के गांव में आया हुआ था। उस गांव के मोमिन एक अजब समस्या से जूझ रहे थे।

एक मियां ने अपनी बेगम को TTT बोल दिया था, बुढ़िया ने सारे गांव में हल्ला मचा दिया, समस्या यह थी कि उस गांव में कोई झोलवी था नही, जो हु लाला करके चूस लाम को खतरे से बचा सके, उसके परिवार में कोई दूसरा पुरुष सदस्य भी नही था, जो चुपचाप हु लाला करके, घर के मसले को घर मे सलटा देता…

गांव के अन्य पुरुष और लौंडे शर्म के मारे हु लाला करने तैयार नही हो रहे थे।

बवाल और समस्या बड़ी थी।

व्यापार के सिलसिले में गांव आये शहर के झौलवी को यह बात पता लगी तो, उसने उस गांव में चूस लाम को खतरे से बाहर लाने का मन बना लिया।

गांव के लोगों को भी समस्या का निदान शहर के झोलवी में नजर आया।

शहर के झोलवी में मौके पे चौका लगाया और चटखारे लेता अपने घर रवाना हो गया।

पर होनी को कुछ और ही मंजूर था… एक उड़ती चिड़िया ने झोलवी के बेगम को हु लाला की कहानी बता दी।

बेगम का पारा सातवे आसमान पे..

सारे घर मे उसने तोड़ फोड़ मचा दिया, लाखों की कार को जला कर खाक कर डाला। शर्त रख दी कि जाओ अपना गुदाला करा के आओ, तभी घर मे घुसने दूंगी…

अब घबराया हुआ झोलवी…अपना गुदाला करवाने दर दर ठोकरें खा रहा…पर झोलवी का गुदाला करने कोई तैयार ही नही।

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